सीबीएसई क्लास 12 का कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026, 12 अगस्त को घोषित हो चुका है, और इसकी प्रक्रिया पहले जैसी ही है — लेकिन क्लास 10 की कहानी अब बिल्कुल अलग है। सत्र 2025-26 से सीबीएसई ने क्लास 10 के लिए साल में दो बोर्ड परीक्षाएं शुरू की हैं, और अब क्लास 10 के लिए महीनों बाद होने वाली अलग “कंपार्टमेंट परीक्षा” जैसी कोई चीज़ नहीं रही — उसे नई दूसरी परीक्षा में ही मिला दिया गया है। यहां दोनों क्लास का पूरा और सही तरीका बताया गया है।
क्लास 10: पुरानी कंपार्टमेंट परीक्षा की जगह अब क्या है
नई NEP-आधारित व्यवस्था में हर क्लास 10 छात्र के लिए फरवरी-मार्च में पहली (मुख्य) बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य है। इसके बाद उसी शैक्षणिक सत्र में मई में एक दूसरी बोर्ड परीक्षा होती है, जो एक साथ दो काम करती है: जो छात्र पास हो चुके हैं, वे साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस या किसी भाषा — इन तीन विषयों तक में अपने अंक सुधार सकते हैं, और जो छात्र किसी विषय में फेल हुए हैं, उन्हें उसे क्लियर करने का मौका मिलता है — इसे सीबीएसई अब भी “कंपार्टमेंट कैटेगरी” ही कहता है।
यानी कंपार्टमेंट रिजल्ट खुद खत्म नहीं हुआ है। जो बदला है वह है इंतज़ार का समय: जुलाई में होने वाली अलग, महीनों बाद की कंपार्टमेंट परीक्षा की जगह अब क्लास 10 छात्रों को दूसरा मौका उसी सत्र के कैलेंडर में, पहली परीक्षा के छह से आठ हफ्ते के भीतर ही मिल जाता है।
कौन पात्र है, कौन नहीं
- 1 या 2 विषयों में फेल: आप कंपार्टमेंट कैटेगरी में आते हैं और मई की दूसरी परीक्षा में उन्हीं विषयों की परीक्षा दे सकते हैं।
- 3 या उससे ज़्यादा विषयों में फेल (या अनुपस्थित): आपको “एसेंशियल रिपीट” श्रेणी में रखा जाता है। आप दूसरी परीक्षा नहीं दे सकते, और अगले साल फरवरी में पूरी मुख्य परीक्षा दोबारा देनी होगी।
- बेस्ट-ऑफ-टू अंक: अगर आप किसी विषय की परीक्षा पहली और दूसरी, दोनों बार देते हैं, तो फाइनल मार्कशीट में जो भी ज़्यादा अंक हों, वही गिने जाते हैं।
2025-26 चक्र में पहली परीक्षा फरवरी मध्य से मार्च की शुरुआत तक चली, अप्रैल में रिजल्ट आया, दूसरी परीक्षा मई 2026 के मध्य में हुई, और उसका रिजल्ट जुलाई 2026 के मध्य के आसपास घोषित हुआ। यह भी ध्यान रखें कि दूसरी परीक्षा सिर्फ उन्हीं विषयों में होती है जिनमें बोर्ड (एक्सटर्नल) असेसमेंट का हिस्सा काफी बड़ा हो — यानी जिन विषयों में इंटरनल/प्रैक्टिकल का वेटेज ज़्यादा है, उनमें शायद मई में दोबारा मौका न मिले।
अगर क्लास 10 में एक विषय में फेल हो गए हैं, तो क्या करें
अगर आपके क्लास 10 रिजल्ट में एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है, तो साल के बाद के महीनों में किसी अलग “कंपार्टमेंट परीक्षा” के नोटिफिकेशन की तलाश करने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने आप उसी मई वाली दूसरी परीक्षा के लिए पात्र हैं जिसमें बाकी सब भी बैठते हैं — पहली परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अपने स्कूल से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में पूछें, सिर्फ फेल हुए विषय(विषयों) की तैयारी करें, और दोनों प्रयासों में जो बेहतर अंक होंगे, वही गिने जाएंगे। अगर आपको एसेंशियल रिपीट में रखा गया है, तो कोई शॉर्टकट नहीं है — अगला मौका अगले साल फरवरी की मुख्य परीक्षा में ही मिलेगा।
क्लास 12: पारंपरिक कंपार्टमेंट परीक्षा अब भी वैसी ही है
क्लास 12 की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है — अब भी एक मुख्य बोर्ड परीक्षा (फरवरी-मार्च) होती है, और उसके बाद जो छात्र कम पड़ते हैं उनके लिए साल में बाद में एक अलग कंपार्टमेंट परीक्षा होती है। यहां के नियम क्लास 10 से ज़्यादा सख्त हैं:
- पात्रता: आप तभी कंपार्टमेंट कैटेगरी के लिए पात्र हैं जब आप ठीक एक विषय में फेल हुए हों। अगर दो या उससे ज़्यादा विषयों में फेल हुए हैं, तो सीबीएसई कंपार्टमेंट का रास्ता नहीं देता — अगली किसी वार्षिक परीक्षा में फ्रेश या प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर दोबारा बैठना होगा।
- अटेम्प्ट की सीमा: एक छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा एक से ज़्यादा बार दे सकता है, लेकिन सीबीएसई इसमें ज़्यादा से ज़्यादा तीन अटेम्प्ट की सीमा रखता है।
- आवेदन कैसे करें: स्कूल के नियमित छात्र अपने स्कूल के ज़रिए आवेदन करते हैं, जो ऑनलाइन कैंडिडेट्स की लिस्ट (LOC) सीबीएसई को भेजता है; प्राइवेट कैंडिडेट सीधे cbse.gov.in पर आवेदन करते हैं। 2026 में LOC/आवेदन विंडो जून की शुरुआत में खुली थी।
- परीक्षा का समय: 2026 की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई को हुई — प्रति विषय एक दिन की ऑफलाइन परीक्षा, और जिन विषयों में प्रैक्टिकल ज़रूरी था उनके प्रैक्टिकल अगले कुछ दिनों में हुए।
- रिजल्ट और मार्कशीट: 2026 का रिजल्ट 12 अगस्त को cbseresults.nic.in और डिजिलॉकर पर घोषित हुआ। कंपार्टमेंट में मिले अंक उस विषय के पहले वाले अंकों की जगह ले लेते हैं, और स्कूल के ज़रिए एक नई मार्कशीट जारी होती है — यह अपडेटेड मार्कशीट कॉलेज एडमिशन के लिए मान्य होती है।
क्लास 10 बनाम क्लास 12 — एक नज़र में
- क्लास 10: फेल हुए विषय मई की “दूसरी परीक्षा” (कंपार्टमेंट + इम्प्रूवमेंट, दोनों साथ) में समा जाते हैं; बाद में कोई अलग परीक्षा नहीं; 2 विषयों तक फेल होने पर भी पात्रता बनी रहती है; 3 या ज़्यादा में अगले फरवरी पूरी परीक्षा दोबारा देनी होगी।
- क्लास 12: एक अलग कंपार्टमेंट परीक्षा अब भी होती है, आमतौर पर जुलाई में; सिर्फ 1 विषय में फेल होने पर पात्रता बनी रहती है; 2 या ज़्यादा विषयों में फेल होने पर इस साल कंपार्टमेंट का रास्ता नहीं मिलता।
आप चाहे किसी भी कैटेगरी में हों, कंपार्टमेंट हो या दूसरी परीक्षा का मौका — यह वाकई एक सच्चा दूसरा मौका है, न कि आपके रिजल्ट को परिभाषित करने वाली कोई असफलता। सामने खड़े उन एक-दो विषयों पर ध्यान लगाइए, मिले हुए हफ्तों का सही इस्तेमाल कीजिए, और आप एक साफ-सुथरी, पूरी मार्कशीट के साथ ज़रूर निकलेंगे। शुभकामनाएं!
आगे पढ़ें: पिछले सालों के प्रश्न पत्र और प्रैक्टिस क्विज़ से तैयारी परखें।
